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05 March 2019

अर्द्धसैनिक बलों के शहीदों को मिले शहीद का दर्जा

रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने बताया कि अर्द्धसैनिक बलों के शहीद जवानों को शहीद का दर्जा दिया जाए। उनकी पुरानी पेंशन बहाल की जाए। इसके अलावा उन्हें भी वन रैंक वन पेंशन दिए जाए।

जयंत चौधरी रविवार को छपरौली कस्बे में वैध फार्म हाउस में सहकारी गन्ना विकास समिति के पूर्व चेयरमैन रामकुमार सिंह की बेटी नीशू की शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि रविवार को दिल्ली जंतर-मंतर पर अर्द्धसैनिक बलों के हजारों रिटायर्ड जवान एकत्र हुए थे। उनके दिल में केन्द्र सरकार के प्रति नाराजगी साफ नजर आ रही थी। अर्द्धसैनिक बलों के जवान भी देश के लिए अपनी जान की बाजी लगाते है। पिछले दिनों अर्द्धसैनिक बलों के जवानों ने कश्मीर में अपनी जान की बाजी लगाकर वतन की हिफाजत की है। फिर उन्हें ही क्यो सुविधाओं से मोहताज रखा जाता है। अर्द्धसैनिक बलों के शहीदों को भी शहीद का दर्जा दिया जाए। पुरानी पेंशन से लेकर उन्हें वन रैंक वन पेंशन दिए जाए। महागठबंधन पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि यह राजनैतिक नहीं समाजिक गठबंधन है। चौधरी चरण सिंह की खासियत थी कि उन्होंने 36 बिरादरी के लोगों को जोड़कर संगठन बनाया था। वह जानते थे कि लोकदल अन्य के खिलाफ लड़ने वाली पार्टी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिस तरह उन्होंने चौधरी चरण सिंह व चौधरी अजित सिंह को चुनाव लड़ाया। उसी तरह उन्हें भी चुनाव लड़ाए। इस मौके पर पूर्व विधायक राजेन्द्र शर्मा, डॉ. अजय तोमर, वीरपाल राठी, विकास प्रधान अरूण तोमर उर्फ बोबी, अश्वनी तोमर, मास्टर सुरेश राणा, मनोज मास्टर, सुरेश मलिक, सतेन्द्र प्रमुख, धीरज उज्जवल, सुधीर तोमर सत्यब्रहम तोमर आदि थे।